परियोजना

अविरत परियोजना

• वैनिशिंग वॉइसेस आफ द ग्रेट अंडमानीज पर प्रमुख प्रलेख परियोजना, जो की हैंस रौसिंग इंडेंजर्ड लैंग्वेज डोक्युमेंटेशन प्रोग्राम,स्कूल ऑफ़ ओरिएण्टल एंड अफ्रीकन स्टडीज,  लन्दन विश्वविद्यालय के द्वारा नीधिबद्ध है | इसकी मुख्य अन्वेषक: प्रो. अनीता अबबी हैं | विवरण के लिए www.andamanese.net पर लॉग ऑन करें|

• “रोल ऑफ़ आडीट्रे पाथवे इन एक्सेस एंड रीट्रीवल ऑफ़ सिलेबल इन ह्युमन लैंग्वेज” जिसको

डीएसटी डब्लूओएस (2006 -से जारी)  के तहत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा वित्त पोषित किया गया है|     (श्रीमती अमृता बसु (महिला वैज्ञानिक एवं पीआई, भाषाविज्ञान   केंद्र) एवं प्रो. पीकेएस पांडे (गुरु)|

• लैंग्वेज एंड कॉग्निशन पर अखिल भारतीय पहल के  रूप में 'डीएसटी द्वारा प्रायोजित ‘इन्वेस्टीगेटीन्ग कामन मेकेनिजम फार लैंग्वेज पर्सेप्सन एंड प्रोडकशं इन नॉरमल हिंदी इंग्लिश बाईलिंगुल्स’ शीर्षक- 'ब्रेन ऑर्गेनाइजेशन इन नॉर्मेटिव मल्टीलिंगुवल्लस’ 2009-12|

• "डेवलपमेंट आफ युनिकोड(UNICODE) फार मेजर इंडियन लैंग्वेज”  जो की भारत की ब्रेल परिषद की एक परियोजना है| नेत्रहीन विकलांगता राष्ट्रीय संस्थान, देहरादून|

                

• डीएसटी 2010-1013,द्वारा प्रायोजित, न्यूरोकोगनिटिव चेंजेस एसोशिओटेद विथ परसेप्शन, स्पेशिअल ओरिएंटेशन, स्पीच एंड लैंग्वेज प्रोसेस इन विजुअली चैलेन्जड सब्जेक्टस, युजिंग फंक्शनल मैग्नेटिक रीसोनेंस इमेजिंग (ऍफ़ एम आर आई )’ (सह-जांचकर्ता के रूप में डॉ. एस सेन्थिल कुमारन, डॉ रोहित सक्सेना, प्रोफेसर वैष्ण नारंग, प्रोफेसर एन.आर.जगनाथन, एम्स, नई दिल्ली के साथ (संयुक्त रूप से)|            

• डीएसटी द्वारा प्रायोजित “न्यूरोमैपिंग ऑफ़ फंक्शनल डीफिक्ट्स एसोशिएटेड विथ पर्किन्सोनियन डिजोर्डर” डॉ. माधुरी बेहारी, डॉ एस सेंथिल कुमारन, डॉ. विनय गोयल एवं प्रो.वैष्ण नारंग |

पूर्ण परियोजनाएँ

  • रीड्यूप्लेटिव स्ट्रक्चर इन इंडियन लैंग्वेजेस : अ फेनोमेनन ऑफ़ लिंग्विस्टिक एरिया (1983-85 ) प्रमुख अन्वेषक: प्रो अनीता अबबी, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग |

 एक्स्प्लिकेटर कम्पौंड वर्ब्स इन साउथ एशियन लैंग्वेजेस (1988-91 ) प्रमुख जांचकर्ता: प्रो अन्विता अबीबी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग

 

  • इंग्लिश लैंग्वेज टीचिंग (डेवेलपमेंट ऑफ़ कोर्सेस) 1989-1991  प्रो. अनविता अबबी, कोटा ओपन यूनिवर्सिटी |
  • आईसीएमआर द्वारा प्रायोजित परियोजना “फाइंडिंग द अकोस्टईक कोरीलेटस ऑफ़ द आर्टईकुलेटरी फीचर्स इन सम टाइप्स ऑफ़ डेविएंट आर्टईकुलेशंस” पर ओटोलारिन्गोलोजी विभाग एवं, ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैडिकल साईंसिस के सहयोग से, (1989-1992) नई दिल्ली | प्रोफेसर पी.घोष, ओटोलरींगोलॉजी, ईएनटी / एम्स के प्रोफेसर सुश्री.आर. पंडित, वरिष्ठ स्पीच थेरेपिस्ट एंड लिंग्विस्ट इन थे रहबिलीटेटिव यूनिट ऑफ़ औडीओलोजी एंड स्पीच थेरेपी (आरयूएएस), सह-जांचकर्ता थे। मुख्य अन्वेषक : प्रो.वैष्ण नारंग, परियोजना पूर्ण |
  • कोंकणी सर्वे 1991-1992 कोंकणी अकादमी, गोवा कोंकणी अकादमी सलाहकार- प्रो. अनविता अबबी |
  • जेएनयू द्वारा प्रायोजित परियोजना “स्पीच डेटाबेस स्टडीज ऑफ़ द लैंग्वेजेस ऑफ़ द अंदमान एंड निकोबार आइलैंड (1995 -96) प्रमुख अन्वेषक : प्रो.वैष्णो नारंग|

 

  • कम्प्यूटराइज्ड डेटा बैंक ऑफ “इंडीजेनस लैंग्वेज्स ऑफ इंडिया” 1995-1999 , निर्देशक: प्रो.अनिता अब्बी जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी  |

 

  •  “लिंग्विस्टिक एंड हिंदी लैंग्वेज” (एमए भाषाविज्ञान पाठ्यक्रम के लिए लेख) 1997,सलाहकार : प्रो.अनिता अब्बी, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय |
  • “अ सोशियोलिंग्यूस्टिक इन्क्वारी इन टू द एक्सेप्टेंस लेवल आफ हिंदी एज अ पैन-इंडियन लैंग्वेज”1997-99, डायरेक्टर प्रो. अनविता अबबी, आईसीएसएसआर रिसर्च एसोसिएट|
  • लिंग्यूस्टिक एंड कॉग्निटिव थ्युरी आफ नेरेटिव आफ द रिसर्च मोनोग्राफ प्रीपेयरड : लिटरेचर एंड इन्फ़ीनिटी|(1998 -99)| डॉ फ्रांसन मंजली, आईआईएएस, शिमला।
  •  संस्कृति विभाग,  मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) द्वारा प्रायोजित परियोजना “डॉक्यूमेंटेशन एंड प्रिजर्वेशन आफ डी बेस आन अंडमानीज लैंग्वेज(1998-2000). मुख्य अन्वेषक: प्रो वैष्ण नारंग  http://www.jnu.ac.in/Faculty/vna प्राhttp://www.jnu.ac.in/Faculty/vnarang/jero_andamanese/index.html://www.jnu.ac.in/Faculty/vnarang/jero_andamanese/index.html
  •  “हिंदी चाइल्ड लैंग्वेज एक्क्वीजिशन”  पर डा.भुवना नरसिम्हान, मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट, निज्मेजेन के सहयोग से  फील्डवर्क|(1999 -2000), डॉ आयशा किदवई|
  •  “उर्दू इन कांटेक्ट विथ अदर इंडियन लैंग्वेज इन इन्डिपेंडेंट इंडिया”अ लिंग्युईस्टिक एंड सोशियो-कल्चर स्टडी 1999 टू 2001,मानव संसाधन विकास मंत्रालय, मुख्य अन्वेषक: प्रो अनीता अबबी, सह-अन्वेषक: डॉ. आयशा किदवाई एवं  इम्तियाज हसनें (एएमयू).
  •  “हिंदी संग्रह : लिंग्युईस्टिक डेटाबेस एंड मैंपीन्ग आफ वेराईटीज आफ हिंदी” 2002-2004,एमजीआई हिंदी विश्वविद्यालय, दिल्ली शाखा, निर्देशक: प्रो. अनिता अब्बी, सह निदेशक डॉ. गिरीश झा (संस्कृत अध्ययन).
  •  “इथिक्स, एसथेटिक एंड लिंग्युईस्टिक.” मैसिन डेससिस डी एल 'होम्स, पेरिस द्वारा समर्थित अनुसंधान परियोजना (2002) डॉ फ्रांसन मंजली|
  •  “ट्राईबल लैंग्वेज एंड कांटेक्ट लैंग्वेज आफ अंडमान आइजलैंड (2002)” पर मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट, लीपज़िग, जर्मनी द्वारा एक लघु अवधि परियोजना। मुख्य अन्वेषक : प्रो अनीता अबबी|
  • यूजीसी-जेएनयू यूनिवर्सिटी विथ पोटेंशियल फार एक्क्स्लेंसी  आफ द युजीसी, 2002-07 से, के तहत प्रायोजित यूजीसी-जेएनयु  द्वारा प्रायोजित परियोजना “मैंपीन्ग लैंग्वेज ,माईनड एंड ब्रेन – स्टडीज इन ब योलिन्गुस्टिक”|  मुख्य अन्वेषक: प्रो.वैष्ण नारंग|
  • यूनिवर्सिटी विथ पोटेंशियल फार एक्क्स्लेंसी इस्कीम  के तहत   जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय द्वारा प्रायोजित”’द डिज़ाइन आफ लैंग्वेज फैकल्टी : एड्जंकसं  इन नेचुरल लैंग्वेज” (2002-07) . परियोजना निदेशक : डॉ. आयशा किदवाई|
  •  “स्पीच कारपोरा एंड स्पीच टू टेक्स्ट सिंथेसिस आफ स्टैण्डर्ड हिंदी एंड इंडियन इंग्लिश”, जुलाई 2003 -दिसंबर -2003 एचपी लैब्स, प्रमुख अन्वेषक : प्रो.अनिता अबबी, लंदन विश्वविद्यालय।
  • ह्यूमन वोयेसेस लिमिटेड, इज़राइल द्वारा प्रायोजित “फोनेम्स आफ हिंदी स्पोकेन इन डेल्ही एंड पार्ट्स ऑफ़ हिंदी बेल्ट :सैंपल स्पीच देता बेस फार स्पीच रिकोग्निशन परप्जेस (2004 -2005  )”, के लिए नमूना भाषण डेटाबेस। मुख्य अन्वेषक: प्रो. वैष्ण नारंग|
  • मानव आवाज़ें लिमिटेड, इज़राइल ने भारतीय अंग्रेजी के फोनमैसे के रूप में स्पॉन्स्ड प्रोजेक्ट दिल्ली में बोली जाती है एवं हिन्दी बेल्ट के भाग: भाषण मान्यता उद्देश्यों (2004 -05 ) के लिए नमूना भाषण डेटाबेस। मुख्य अन्वेषक: प्रो। वैष्ण नारंग |
  • “टीचिंग आफ इंग्लिश एज  अ सेकेण्ड /फारेन लैंग्वेज फार कोरिंयस”पर विभागीय परियोजनाए,संचोंग नेशनल यूनिवर्सिटी (2001-03  ), नमोसोल विश्वविद्यालय, मॉनसून 2008  एवं विंटर  2008  से।