सामाजिक दवाइयों और समूह के स्वास्थ्य के लिए केंद्र

 

► सामाजिक दवाइयों और समूह के स्वास्थ्य का केंद्र (सीएसएमसीएच) सामाजिक विज्ञान के स्कूल आठ केन्द्रों में से एक है ।

► र्प्रभावी प्रशासनिक कार्रवाई के लिए तीव्र भूख की प्रारंभिक पहचान के लिए उपकरण का विकास पर राष्ट्रीय परामर्श के

इन केन्द्रों की संकल्पना आठ विशेष समीतियों द्वारा की गयी है जो जेएनयु के केन्द्रों द्वारा सामना किये जाने शिक्षाविद समस्याओं को दर्शाती है ।सामाजिक दवाइयों और समूह के सवास्थ्य के केंद्र की विशेष समीति जो केंद्र के उदेश्य और गुंजाईश के बारे में बताती है, वह अनुशासन के क्षेत्र की जाँच और भारत में लोगों के सवास्थ्य के लिए जानकारी एकत्रित करने के लिए आवश्यक जरूरतों का पता लगाता है ।ये इन जरूरतों पर दबाव डालता है और इन्हें केंद्र के एजेंडा में प्रशिक्षण के कार्य दोनों सामाजिक और शारीरिक को शिक्षाविद में देश में लोगों के स्वास्थ्य के लिए लागु करने के साथ इसे उच्च स्थान पर रखा गया है ।

पहचान कि रोकथाम और सामाजिक दवाई को मजबूत करने की आवश्यकता है के मुख्य उद्देश्य के साथ सामाजिक दवाई और समूह के स्वास्थ्य के लिए जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय बनाया गया है ।केंद्र को चिकित्सक कॉलेज की सीमाओं से बाहर स्थापित किया गया है ताकि ये खुद को प्राकृतिक और सामाजिक विज्ञान के साथ तालमेल से समृद्ध बना सके ।

पिछले 25 सालों से, केंद्र ने समस्या आधारित आन्तरिक अनुशासन प्रोग्राम और सक्रिय शोथ के द्वारा अनुभव प्राप्त कर लिया है ।उसी समय पर, संस्था के योजना बनाने के साथ सम्बन्ध बनाने के लिए कौशिशे की गयी हैं ।

देश के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवा को उपयोगी अनने के लिए बनाये गए शिक्षाविद प्रोग्राम के उद्देश्य के अनुसार, सीएसएमसीएच ने भारत के लोगों की स्वास्थ्य समस्याओं और स्वास्थ्य आवश्यकताओं को समझना इस नजर के साथ ताकि मौजूदा सामाजिक बनावट से समाधान पता लगाया जा सके और स्वास्थ्य हस्तक्षेप की गुंजाईश को सीमित करने वाले बनावट कारकों को चित्रित करने के लिए सामाजिक बनावट की जाँच करने का उद्देश्य स्थापित किया है ।

कार्य को आन्तरिक अनुशासन तरीके जिसमे अनुशासन जैसे सामाजिक, मनुष्य जाति का विज्ञान,मनोविज्ञान, आर्थिक, इतिहास, राजनीति, गणना, सांख्यिकी और जनता प्रबंधन शामिल है ,इसके इलावा अनुशासन जो परम्परागत तौर पर जनता के स्वास्थ्य में शामिल है ।इसी कारण से केंद्र सामाजिक विज्ञान के स्कूल में स्थापित था ।

 

जोर क्षेत्रों और परिप्रेक्ष्य योजनाएं

 

19 शताब्दी के बाद वाले समय में जब जनता का स्वास्थ्य राष्ट्रिय और अंतर राष्ट्रीय स्तर पर शोथ का मुख्य क्षेत्र बन गया था तब केंद्र को नई समस्याओं का सामना करना पड़ा । निम्नलिखित केंद्र के मुख्य जोर क्षेत्र हैं:

स्वास्थ्य सेवा प्रणाली शोथ

महामारी की बिमारियां संचारी रोग, इसके पुनरुत्थान और नयी महामारी के विशेष संदर्भ के साथ ;

मात्रात्मक महामारी विज्ञान

कमजोर पर विशेष ध्यान देने के साथ पोषण और स्वास्थ्य

जनगणना योजना

जनगणना योजना

चिकित्सक समाज, चिकित्सक मनोविज्ञान और स्वास्थ्य आर्थिकत

स्वास्थ्य की राजनीतिक अर्थव्यवस्था;

जनगणना इतिहास

 

नए क्षेत्र जिसमे कार्य शुरू करने की आवश्यकता है :

स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए अन्य तरीके के रूप में लोकातान्त्रिककरण और विकेंद्रीकरण

स्वास्थ्य में अस्वास्थ्य सेवा का आगमन

शहरी स्वास्थ्य

स्वास्थ्य कानून

जैव नैतिकता

स्वदेशी प्रणाली और मुख्य स्वास्थ्य सेवा

अंतरराष्ट्रिय व्यापार, कानून और स्वास्थ्य