जेएनयू के बारे में

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय

 

बयालीस वर्ष पुराने रूप में पहचाने जाने वाले विश्वविद्यालयों में, जवाहारलाल नेहरु विश्वविद्यालय को शक्ति तथा उर्जा प्रदान करने वाली एक परिकल्पना है कि, सोच, साहस, प्रयोग तथा विचारों की निरंतर तलाश तथा विविधता के मुख्य आधार का विषय है। 1970 के दशक में, जन जेएनयू में अध्यापकों तथा छात्र/छात्राओं के लिए अपने दरवाज़े खोले थे, तब भारतीय विश्वविद्यालय प्रणाली के लिए फ्रंटियर विषयों और पुराने विषयों पर नए दृष्टिकोण लाये गए थे। 1:10 पर उत्कृष्ट शिक्षक-छात्र अनुपात, छात्र/छात्राओं को प्राप्त ज्ञान को पुनः दोहराने के बजाय स्वयं की रचनात्मकता को खोजने का बढ़ावा देने की निर्देशों की एक कार्यप्रणाली है, तथा भारतीय शैक्षिक परिदृश्य पर विशेष आंतरिक मूल्यांकन एक एक नए प्रयोग थे; ये समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं। विश्वविद्यालय की स्थापना में अंतः-स्थापित विशेष नेहरूवादी उद्देश्यों, राष्ट्रीय एकता, सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता , जीवन, अंतरराष्ट्रीय समझ और समाज की समस्याओं के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण के लोकतांत्रिक तरीकों ने, स्वयं के निरिक्षण के माध्यम से ज्ञान का नवीनीकरण करने के लिए, इसमें निरंतर तथा उर्जावान प्रयास की स्थापना की।

 

जेएनयू परिसर भारतीय राष्ट्र का एक सूक्ष्म जगत है, जो देश के प्रत्येक नुक्कड़ तथा कोनों से तथा समाज के प्रत्येक समूह तथा तह से छात्र/छात्राओं को लेता है। यह सुनिश्चित करने हेतु कि ऐसा ही हो, वार्षिक प्रवेस परीक्षा देश के कोने-कोने में फैले 37 केन्द्रों में एक समय में ही आयोजित की जाती है तथा दलित जातियों तथा विशेष समूहों के लिए २२.५ प्रतिशत सीटें आरक्षित करके उनके प्रवेश की ओर विशेष ध्यान दिया जाता है। वार्षिक प्रवेश में विदेशी छात्र/छात्राएँ कुछ 10 प्रतिशत का अनुदान करते हैं। छात्र हॉस्टल और संकाय निवासों के ब्लॉक एक-दूसरे के साथ बने हुए  हैं, जो , एक बड़े भारतीय परिवार की परिकल्पना को दर्शाते हैं।

 

यहाँ तक कि कक्षा शिक्षण, पुस्तकालय तथा प्रयोगशालाओं में कार्य का भी निर्देशों की कार्य प्रणाली में अपना हिस्सा है, छात्रों और शिक्षकों के बीच और छात्रों को स्वयं के बीच व्यक्तिगत संपर्क, पीढ़ी और ज्ञान के प्रसारण का एक बेहद महत्वपूर्ण तथा जीवंत माध्यम बनतें हैं। कभी कभी, सैद्धांतिक परिसर की वैधता के बारे में, या एक विशेष वैज्ञानिक या आर्थिक शोध की सांस्कृतिक सह-सरंचना, के बारे में उच्च विवाद, कक्षाओं तथा होस्टल के कमरों से निकाल कर परिसर की सड़कों तक आ जातें हैं, जो कई बार यातायात बाधाओं का कारण बनतें हैं। अच्छी बात यह है की, ये कभी किसी सड़क दुर्घटना का कारण नहीं बनें। वार्षिक छात्रसंघ चुनाव पूरी तरह से छात्र/छात्रों द्वारा आयोजित किये जाते हैं। उग्र पोस्टर और कार्टून युद्ध, मौखिक युद्ध तथा प्रतिस्पर्धा तथा शांतिपूर्ण समूह की बैठकें, चुनावों के दौरान दर्शकों को प्रसन्न करतीं हैं। परिसर में केवल हिंसा बाहरी वस्तु है।

 

इन स्कूलों में कई केन्द्र, यूजीसी द्वारा, 'उत्कृष्टता' के केन्द्र घोषित किये गायें हैं। यह ऐतिहासिक अध्ययन, सामाजिक व्यवस्था के अध्ययन के लिए केन्द्र, राजनीतिक अध्ययन केंद्र, आर्थिक अध्ययन और नियोजन, के लिए केंद्र, क्षेत्रीय विकास के अध्ययन के लिए केन्द्र हैं, जो सभी सामाजिक विज्ञान विद्यालय में निहित हैं। इसके अतिरिक्त तीन विज्ञान विद्यालय- भौतिक विज्ञान विद्यालय, जीवन विज्ञान विद्यालय तथा पर्यावरणीय विज्ञान विद्यालय को भी यूजीसी द्वारा उत्कृष्टता के लिए केंद्र की मान्यता प्राप्त है।